Saturday, October 25, 2008

"छोटी सी कविता"

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….………………..………………..;
….………………..………………..:
………………......……”………….”
………………......………………..?

आख़िर मौन कौन...?
आख़िर मौन क्यों...?

5 comments:

Monika said...

एक लाइन ने वो कह दिया जो पुरा पैराग्राफ भी शायद न कह पाता. बहुत खूब. आत्मा को झकझोरता हैं.

Vivek Gupta said...

अति सुंदर |
दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनाये | आप अपने ब्लाग पर हिन्दी राईटर को भी ज़गह दे आपके पाठकों को आसानी रहेगी |

Udan Tashtari said...

बहुत गहरी बात!!!! वाह!!

आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

शोभा said...

बहुत सुंदर लिखा है. दीपावली की शुभ कामनाएं.

Ira said...

toooo good ..