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नर्मदा दंड परिक्रमा : अध्याय 1
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बलिया पेसेंजर से बरगी के ड्रेगन तक अप्रेल 2026 — यात्रा का पहला महीना
यात्रा का प्रारम्भ — कटका स्टेशन — पैसेंजर ट्रेन में गुजरते प्रेमसागर सवेरे
फोन आया त...
5 days ago




4 comments:
बहुत अफसोसजनक और दुखद!!
dukhad
दु:खद है यह।
मसीह का बचना यह बताता है कि धर्म से सम्बन्धित काम जैसे मन्दिर, मूर्ति वगैरह बनाने में इंसान घपले नहीं करता है।
कांक्रीट बीम के तले झाँकता हाथ यह पूछ रहा है कि ढलाई के दौरान सिर्फ कुछ वक्त बचाने के लिए बेसिक सिद्धांतों को न मानने का घपला क्यों किया गया?
ओह लोमहर्षक....हम कुदरत के सामने कितने लाचार हैं....
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