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रविवार की सुबह
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गांवदेहात डायरी सवेरे साइकिल चला कर लौटा तो रामसेवक आ चुके थे। वे हमारे
माली हैं और रविवार को आधा दिन हमारे बगीचे को देते हैं। मैं गेट खोलकर अंदर
घुसा त...
3 hours ago




4 comments:
बहुत अफसोसजनक और दुखद!!
dukhad
दु:खद है यह।
मसीह का बचना यह बताता है कि धर्म से सम्बन्धित काम जैसे मन्दिर, मूर्ति वगैरह बनाने में इंसान घपले नहीं करता है।
कांक्रीट बीम के तले झाँकता हाथ यह पूछ रहा है कि ढलाई के दौरान सिर्फ कुछ वक्त बचाने के लिए बेसिक सिद्धांतों को न मानने का घपला क्यों किया गया?
ओह लोमहर्षक....हम कुदरत के सामने कितने लाचार हैं....
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