Honesty भले ही बेस्ट पालिसी नहीं रह गई हो......लेकिन आपकी ईमानदारी एक ब्रांड तो है ही...अब बलबीर भाटिया को ही देख लीजिए...ऑटो चलाते है, लेकिन अपनी ब्रांडिंग करना नहीं भूलते। ईमानदारी को ही अपना यूएसपी बना लिया....टाटा और रिलायंस का अंतर समझते हैं। ख़ैर तश्वीर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ली गई है। दस लाख रूपए कम नहीं होते लेकिन ईमानदारी की भी भला कोई क़ीमत लगा पाया है।
बनारसी आलू पापड़ – जब बनारस की गलियों ने एक ब्रांड गढ़ा
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एक अख़बार में लिपटे पापड़ से शुरू हुई खोज मुझे बाबूसराय की दुकान से बनारस
के कबीर चौरा की गलियों तक ले गई। कुछ दिन पहले अमेज़न पर बनारसी आलू पापड़
खोज रहा ...
1 week ago
6 comments:
अच्छी जानकारी है...
शानदार पोस्ट है...
आपकी पोस्ट से इनका और इन जैसे अल्पसंख्यक इंसानों का हौंसला बढ़ेगा।
साधुवाद।
बहुत दिनों बाद आपकी पोस्ट आई, अपने followers को कुछ 'फ़ूड फॉर थोट' दीजिये ......
मनोज k
good job..
WAKAI KABILE TARIF HAI
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