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पूर्वांचल की ग्रे नैतिकता — एक ऑबिच्युरी से उपजा आत्मसंवाद
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एक सज्जन ने मुझे फोन किया। “जीडी, तुमने अमर उजाला देखा? सबसे ऊपर एक छोटे से
कस्बा नुमा शहर के आदमी के देहावसान पर पूरे पेज का विज्ञापन है। मैं तो सोच
भी नह...
4 days ago






4 comments:
बहुत अफसोसजनक और दुखद!!
dukhad
दु:खद है यह।
मसीह का बचना यह बताता है कि धर्म से सम्बन्धित काम जैसे मन्दिर, मूर्ति वगैरह बनाने में इंसान घपले नहीं करता है।
कांक्रीट बीम के तले झाँकता हाथ यह पूछ रहा है कि ढलाई के दौरान सिर्फ कुछ वक्त बचाने के लिए बेसिक सिद्धांतों को न मानने का घपला क्यों किया गया?
ओह लोमहर्षक....हम कुदरत के सामने कितने लाचार हैं....
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